इस दीवाली में छह बेंको में मिल रहा है, सबसे सस्ते दरों पर लोन

रिजर्व बैंक द्वारा हाल में ही रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती के बाद से बैंक अपने कर्ज की ब्याज दर में कटौती कर रहे हैं. आर्थिक सुस्ती के माहौल के बीच मांग बढ़ाने के लिए अब तक छह बैंक लोन पर ब्याज दरों में कटौती कर चुके हैं. इनमें SBI, ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स, बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया आदि शामिल हैं.



सबसे पहले SBI
देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने सभी अवधि के लिए मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.10 फीसदी कटौती की है. इसका फायदा बैंक से लोन लेने वाले सभी ग्राहकों को होगा. संशोधित दरें 10 अक्टूबर से प्रभावी हो गयी हैं. बैंक के अनुसार, SBI में एक साल की अवधि के लिए MCLR अब 8.15 फीसदी से घटकर 8.05 फीसदी रह गया है.

बैंक ऑफ बड़ौदा
BoB ने रेपो रेट से लिंक्ड खुदरा लोन की ब्याज दर में 0.25 फीसदी कटौती की है. BoB ने कहा है कि रेपो रेट बेंचमार्क से लिंक्ड खुदरा लोन पर ब्याज दर 0.25 फीसदी घटा गयी हैं. नई दरें रेपो रेट से लिंक्ड होम लोन, मॉर्गेज लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन, पर्सनल लोन और अन्य खुदरा लोन पर लागू होंगी.
BoB में होम लोन और ऑटो लोन के लिए ब्याज दरें 8.10-8.60 फीसदी सालाना हो गई हैं.

इंडियन ओवरसीज बैंक
इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक नवंबर से खुदरा और MSME के लिए कर्ज पर ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती की है. IOB ने कहा है कि नवंबर से आवास, वाहन, शिक्षा, MSME जैसे लोन पर ब्याज दर 0.25 फीसदी कम हो जाएगी. रेपो रेट से जुड़ी दर भी 8.25 से घटकर 8 फीसदी हो जाएगी.

बैंक ऑफ इंडिया
बैंक ऑफ इंडिया ने एक दिन के कर्ज पर MCLR 0.15 फीसदी घटा दिया है. एक साल के कर्ज पर MCLR में 0.05 फीसदी की कटौती की गई है. बैंक ने कहा है कि MCLR में कटौती 10 अक्टूबर से लागू हो गयी है.

बैंक ऑफ महाराष्ट्र
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने विभिन्न अवधि के लोन की ब्याज दरों में 0.10 फीसदी की कटौती की है. बैंक ने शेयर बाजार को बताया है कि एक साल की MCLR अब 8.40 फीसदी है. यह कटौती 8 अक्टूबर से लागू हो गई है. एक दिन से लेकर छह महीने के कर्ज पर MCLR 0.10 फीसदी घटाकर 8.05-8.30 फीसदी किया गया है.
बैंक ने रेपो रेट से जुड़ी कर्ज दर को भी 8 अक्टूबर से 0.25 फीसदी घटाकर 8.45 फीसदी से 8.20 फीसदी कर दिया है.

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स
ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने एक साल के कर्ज के लिए MCLR को 8.40 फीसदी की जगह 8.35 फीसदी कर दिया है. नई दरें 10 अक्टूबर से प्रभावी हो गयी हैं.


क्‍या है MCLR? 
बैंकों के एमसीएलआर में उसकी फंड की लागत दी गयी होती है, जिसे बैंक हर महीने घोषित करते हैं. बेहतर करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट डिपॉजिट होने की वजह से छोटे बैंकों के मुकाबले बड़े बैंकों का कम एमसीएलआर होता है. एमसीएलआर को इंटरनल बेंचमार्क माना जाता है क्योंकि कम लागत वाले फंड जुटाने के लिए बैंक की अपनी क्षमता एमसीएलआर में एक महत्वपूर्ण फैक्टर है.

MCLR से ब्याज दर का संबंध 
एमसीएलआर से जुड़े किसी भी लोन में अवधि पूरी होने तक EMI की रकम स्थिर रहती है. ऐसे लोन में प्रिंसिपल रीपेमेंट के मुकाबले शुरुआती साल में इंटरेस्ट का हिस्सा ज्यादा होता है. MCLR आधारित लोन में बैंक एक मार्क-अप, स्प्रेड या मार्जिन चार्ज कर सकते हैं.






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