अटल पेंशन योजना 2019 में क्या है ?

अटल पेंशन योजना – भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री जनधन योजना का शुभारंभ किया था | जिसके अंतर्गत आठ करोड़ से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं | प्रधानमंत्री जन धन योजना की अपार सफलता के पश्चात प्रधानमंत्री ने प्रदेश के नागरिकों के लिए कई और योजनाओं की शुरुआत की | इसमें 2 प्रमुख योजनाओं में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और दूसरी योजना अटल पेंशन योजना है | अटल पेंशन योजना का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों के भविष्य को उज्जवल बनाना है | और बूढ़े हो रहे भारतीयों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है | प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना क्या है ? और इस योजना का लाभ कैसे प्राप्त कर सकते हैं ? इसकी पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए इस पोस्ट को ध्यान पूर्वक लास्ट तक पढ़े |

अटल पेंशन योजना
अटल पेंशन योजना भारत के बूढ़े हो रहे नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लागू की गई है | इस योजना का लाभ समाज के निम्न और मध्यम वर्ग के लोग प्राप्त कर सकते हैं | यह योजना समाज के ऐसे लोगों को बचत और निवेश के लिए प्रोत्साहित करती है | इस योजना का सबसे बड़ा फायदा समाज के गरीब लोगों को मिलेगा | इसके साथ ही भारत सरकार ने 5 साल तक साल अंश दाता के अंशदान का 50% या ₹1000 जो भी कम हो उसका योगदान देने का निर्णय लिया है | यह अंशदान सिर्फ उन्हीं लोगों को प्राप्त होगा जो आयकर दाता नहीं है |
अटल पेंशन योजना का शुभारंभ करने से पहले फरवरी 2015 के बजट भाषण में वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा था- ” दुखद है कि जब हमारी युवा पीढ़ी को ही होगी तब उसके पास कोई भी टेंशन नहीं होगी | प्रधानमंत्री जन धन योजना की अपार सफलता से प्रोत्साहित होकर मैं सभी भारतीयों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली के सजन का प्रस्ताव करता हूं | इससे सुनिश्चित होगा कि किसी भी भारतीय नागरिक को बीमारी दुर्घटना वृद्धा वस्था मे हवाओं की चिंता नहीं करनी पड़ेगी | “
अटल पेंशन योजना डिटेल्स 2019 इन हिंदी 
इन्हीं उद्देश्यों के साथ राष्ट्रीय पेंशन योजना के तौर पर अटल पेंशन योजना का शुभारंभ 1 जून 2015 से किया गया | इस योजना के अंतर्गत व असंगठित क्षेत्र के लोगों को पेंशन का लाभ पहुंचाना | और उन्हें हर महीने न्यूनतम भागीदारी के साथ सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है |
इस योजना के अंतर्गत निजी क्षेत्रों या ऐसे सभी क्षेत्रों से जुड़े लोग, जिन्हें किसी पेंशन का लाभ नहीं मिलता है | इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं | इस योजना के अंतर्गत जब वह 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे | तब उन्हें 1000, 2000, 3000 , 4000 या ₹5000 की स्थाई पेंशन मिल सकती है | इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली पेंशन का निर्धारण आवेदनकर्ता द्वारा जमा की जा रही अंशदान राशि और उसकी उम्र पर किया जाएगा | इसके साथ ही योजना का लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थी की मृत्यु होने के पश्चात उसका जीवन साथी भी पेंशन के लिए दावा कर सकता है | और जीवनसाथी की मृत्यु के पश्चात नॉमिनी को अर्जित धन राशि लौटा दी जाएगी |
अटल पेंशन योजना के लिए पात्रता मापदंड –
सरकार द्वारा अटल पेंशन योजना भारत के नागरिकों के लिए चलाई जा रही है | इस योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष की आयु के व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं | योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले हर व्यक्ति को कम से कम 20 साल तक अंशदान देना होगा | तभी वहां इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे | इस योजना के लिए कोई भी बैंक खाता धारी जो किसी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना का सदस्य नहीं है, आवेदन कर सकता है |
अटल पेंशन योजना के लिए कुछ आवश्यक जानकारी –
अटल पेंशन योजना की कुछ आवश्यक जानकारी इस प्रकार है –
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने वाला लाभार्थी यदि लगातार छह महीने तक कोई धनराशी नहीं जमा करता है | तो उसका खाता सील कर दिया जाएगा !
  • इसके साथ ही यदि लगातार 12 महीने तक कोई धनराशि जमा नहीं की जाती है | तो लाभार्थी का खाता निष्क्रिय कर दिया जाएगा !
  • अगले स्टेप में यदि लाभार्थी लगातार 24 महीने तक कोई धनराशि नहीं जमा करता है | तो उसका खाता पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा !
अटल पेंशन योजना को बंद करना 
अटल पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने वाला लाभार्थी सामान्य परिस्थितियों में इस योजना से 60 वर्ष तक बाहर नहीं निकल सकता है | कुछ विशेष परिस्थितियों में ही वारिस योजना से बाहर निकल सकता है |
अटल पेंशन योजना में पंजीकरण कैसे कराएं –
यदि आप अटल पेंशन योजना में अप्लाई करना चाहतें हैं तो अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको आवेदन फार्म डाउनलोड करना होगा | आप इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर फार्म डाउनलोड कर सकते हैं || यहां पर आपको लगभग सभी भारतीय भाषाओं जैसे – अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती, बांग्ला ,कन्नड़ , उड़िया में फार्म उपलब्ध है | आप अपने हिसाब से डाउनलोड कर सकते हैं |
अटल पेंशन योजना ने अपना पंजीकरण करवाने के लिए लाभार्थी को पहले आवेदन फार्म भरकर अपने बैंक में जमा करना होगा | आवेदन फार्म में खाता नंबर , जीवनसाथी का नाम ,नामनी का नाम और एड्रेस वगैरा भरना होगा | सही सही जानकारी करने के पश्चात आवेदन फार्म बैंक में जमा करना होगा | फार्म में अंशदान की राशि को पहले से ही सुनिश्चित करना होगा | कि आप कितनी धनराशि मासिक जमा कर सकते हैं | यदि आप उस धनराशी को समय पर जमा नहीं कर पाएंगे | तो आप को जुर्माना भी भरना पड़ सकता है | जो की इस प्रकार है –
  • ₹100 तक मासिक अंशदान पर ₹1 जुर्माना
  • ₹101 से ₹500 तक मासिक अंशदान पर ₹2 जुर्माना
  • 501 से ₹1000 की मासिक अंशदान पर ₹5 जुर्माना
  • एक हजार एक से अधिक मासिक अंशदान पर ₹10 जुर्माना
अटल पेंशन योजना में कौन नहीं खुलवा खाता –
सरकार द्वारा जारी नियम के अनुसार ऎसे लोगे जो आयकर के दायरे में आते हैं, सरकारी कर्मचारी हैं या फिर पहले से ही ईपीएस जैसी योजनाओं में शामिल हैं | वे अटल पेंशन योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर सकते |
अटल पेंशन योजना में धन निकाशी कब कर सकतें हैं –
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत धन निकाशी के लिए कुछ नियम बनाये गए हैं , जिनका पालन करके आप बिना किसी नुकसान के आसानी से अपने पैसे निकाल सकतें हैं | जिन परिस्थितियों में आप धन निकाशी कर सकतें हैं वह इस प्रकार है –
बिमा धारक द्वारा 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर :- 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर आप संबंधित बैंक को गारंटी न्यूनतम मासिक पेंशन या अधिक मासिक पेंशन निकासी के लिए एप्लीकेशन दे सकतें हैं | मासिक पेंशन की समान राशि बिमा धारक की मृत्यु पर पति या पत्नी प्रदान की जाती है। बिमा धारक और पति या पत्नी दोनों की मौत होने पर 60 साल की उम्र तक जमा धनराशी को कानूनी उत्तराधिकारी को वापस कर दिया जाता है |
60 साल की उम्र के बाद किसी भी कारण की वजह से ग्राहक की मृत्यु के मामले में :- बिमा धारक की मृत्यु के मामले में पेंशन पति या पत्नी को प्रदान किया जाता है | और यदि दोनों की मृत्यु (बिमा धारक और पति या पत्नी) हो जाती है तो 60 साल की उम्र तक जमा धनराशी नामांकित को प्रदान की जाती है |
60 साल की उम्र से पहले बाहर निकलना :-यदि कोई बिमा धारक अपनी इच्छा अनुसार एपीवाई से बाहर निकलना चाहता है , तो उसे केवल एपीवाई में उनके द्वारा जमा की गई राशी और उस राशी पर अर्जित शुद्ध वास्तविक अर्जित आय के साथ-साथ खाते के रखरखाव शुल्क घटाने के बाद जो धनराशी बनेगी वो वापस किया जाएगा।
60 साल की उम्र से पहले ग्राहक की मृत्यु :- यदि बिमा धारक की 60 वर्ष से पहले मृत्यु हो जातो है तो इस मामले में, एपीवाई खाते में शेष अवधि के लिए जब तक मूल बिमा धारक 60 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेता, निहित योगदान अपने नाम में जारी रखने का हक पति या पत्नी के पास उपलब्ध होगा। बिमा धारक का पति या पत्नी मृत्यु पर वही पेंशन राशि प्राप्त करने का हकदार होगा जो बिमा धारक को देय था। या फिर एपीवाई के तहत जमा सम्पूर्ण राशी नामिती व्यक्ति को लौटा दी जाएगी।
और अधिक विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए ऑफिसियल वेबसाइट विजिट करें |
तो दोस्तों यह थी अटल पेंशन योजना के बारे में जानकारी यदि आपको यह जानकारी | अच्छी लगे तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे | साथ ही यदि आपका किसी भी प्रकार का सवाल हो तो निचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करे | हम जल्द ही आपके सवालों का जवाब देंगें || धन्यवाद ||
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